बेर वृक्ष में सबसे अधिक फल मक्खी, फल छेदक, छाल भक्षक और मिलिबग कीट का प्रकोप रहता है साथ ही कुछ रस चूसक कीट भी नुकसान करते है| आइए जानते इन कीट और इनकी रोकथाम के बारे में...
फल मक्खी (Fruit fly)👇
फ्रूट फ़्लाइ बेर का
सबसे हानिकारक insect है जब फल small & green stage में होते है, तब से ही इस insect का आक्रमण शुरू हो जाता है| इस कीट की adult female मक्खी फलों के लगने के तुरन्त
बार उनमें eggs देती है। ये अण्डे लार्वा में बदल कर fruit को अन्दर से नुकसान
पहुँचाते है। इसके आक्रमण से फलों की गुठली के चारों ओर space रह जाते है
तथा caterpillar अन्दर से फल खाने के बाद बाहर आ जाती है। इसके बाद में मिट्टी में प्यूपा
के रूप में छिपी रहती है तथा कुछ दिन बाद adult मक्खी बनकर फिर से फलों पर eggs देती है।
इसके बचाव या नियंत्रण के लिए मई-जून में बाग की मिट्टी पलटने के लिए गहरी जुताई पेड़ के पास से जड़ों का area छोड़कर करे| बाग के आसपास के क्षेत्र से बेर की जंगली झाड़ियों को और खराब या प्रभावित फलों को इकट्ठा करके नष्ट कर दे| फ्रूट फ़्लाइ के प्रति बेर की सहनशील यानि Tolerant variety उमरान और टिकड़ी लगाए|
रासायनिक माध्यम से नियंत्रण के लिए वृक्ष में फूल आने की अवस्था के समय क्यूनालफास 25% EC जो बाजार में Celquin या krush नाम से मिलता है की 1 ml मात्रा या डायमिथोएट 30% EC जिसका ट्रेड नेम रोगर या टफ़्गोर है की 1 ml मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। दूसरा छिड़काव फल लगने के बाद जब अधिकांश फल मटर के दाने के आकार के हो जाए उस समय Quinalphos 25% EC 1 ml या Dimethoate 30% EC 1 ml प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर spray करे तथा तीसरा spray, दूसरे spray के 15-20 दिनों बाद कर देना चाहिए|
फल छेदक इल्ली (Fruit borer): 👇
शुरूआती
अवस्था में इसकी इल्ली पत्तियों को खाती है तथा बड़ी होने पर फलों में गोल छेद
बनाकर उसके अंदर के भाग को खाती है| जिसके कारण फल सड़ जाते है और नीचे गिर
जाते है|
बचाव व रोकथाम के लिए प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 4% EC (Profenophos 40% + Cypermethrin 4% EC) यानि प्रोफेक्स सुपर (Profex Super) या हेलिओक्स या हिमावारी @ 2 मिली/ लीटर या इमामेक्टिन बेंजोएट (Emamectin Benzoate) 5% SG जो प्रोक्लेम (Proclaim) या महामेक्टिन नाम से जानी जाती है जिसकी आधी ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी के साथ स्प्रे करें। फल छेदक पतंगे के लिए 3 ट्रेप प्रति एकड़ लगाए तथा प्रतिरोधी यानि Resistance variety गोला को लगाए|
छाल भक्षक
कीट यानि (Bark eater insect)
यह कीट वृक्ष को नुकसान इसकी छाल को खाकर
करता है तथा छुपने के लिए अंदर छाल या टहनी में गहराई तक सुरंग या छेद बना लेता है जिससे
कभी-कभी डाल या शाखा कमजोर हो जाती है। फलस्वरूप वह शाखा टूट जाती है, जिससे उस शाखा पर लगे फलों पर सीधा damage होता है।
छाल भक्षक कीट के
नियंत्रण हेतु सुखी शाखाओं को काट कर जला देना चाहिए| जुलाई-अगस्त महीने में मेलाथियान 50 EC 1.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर
शाखाओं तथा डालियों पर spary करें| इसके साथ ही छेद या सुरंग को पिचकारी की मदद से केरोसिन 3-5 ml प्रति सुरंग डालें तथा रुही का फोहा बनाकर सुरंग के अंदर डाल दे और बाहर से गीली मिट्टी के द्वारा छेद को बंद कर दे।
मिलीबग (Mealybug):
इस कीट के शिशु और वयस्क मादा दोनों ही फसल को नुकसान पहुँचाते है| फूल, फल और मुलायम टहनियों के रस को चूसकर पौधें को कमजोर करते है| यह कीट honey dew स्त्रावित करता है जिसके ऊपर हानिकारक फफूंद विकसित होती है और प्रकाश संश्लेषण क्रिया बाधित करता है, जिससे पौधा सही से खाना नहीं बना पाता और कमजोर हो जाता है|
मिलीबग से बचाव व रोकथाम 👇
नीम ऑइल 1-2 % उपयोग करें. यदि कीट फिर भी नियंत्रित नही होता है तो प्रोफेनोफॉस 50 ईसी (Profenofos 50% EC) यानि सेलक्रोन या क्लोरोपाइरीफोस 20 ईसी (Chlorpyrifos) यानि धनवान 20 या ब्यूप्रोफेजिन 25 ईसी (Buprofezin) यानि Dhanuka की एप्पल, या Dimethoate 30 ईसी यानि टफ़्गोर या इमिडाकलोप्रिड 17.8 SL (Imidacloprid) यानि कोन्फ़िडोर दवा 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें.