खजूर फल की पकाव पाँच अवस्थाएं

खजूर वृक्ष से अच्छी गुणवत्ता के फल लेने के लिए पकाव अवस्था में बारिश नहीं होनी चाहिए या बहुत ही कम बारिश होनी चाहिए| तीन चार दिन तक बारिश की झड़ी लगने पर फल सड़ कर खराब हो जाते है| देश में जून माह से मानसून सक्रिय हो जाता है साथ की खजूर के फल पकने भी लगते है, और इस अद्रता के कारण फल खराब होने लगते हैं| इसलिए अधिकतर डोका अवस्था में ही fresh खजूर के फलों को बेच दिया जाता है| मगर पिंड बनाने के लिए डांग या रुतब stage पर तुड़ाई की जाती है, जब तक मानुसून लगभग पूरे देश में पहुँच जाता है और फल खराब या घटिया गुणवत्ता होने के संभावना बहुत बढ़ जाती है| पश्चिम राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर जैसे जिलों पर और गुजरात के कच्छ इलाके में खजूर की दोनों प्रकार की (फ्रेस और पिंड अवस्था वाली)  खजूर तैयार की जा सकती है | ये किस्में बढ़वार और उपज लेने के लिए सर्वोतम है. तो आइये जानते हैं|

खजूर फल की पाँच अवस्थाएं (Five Stages of Date palm fruits): 

पहली अवस्था:👉 इसमें फल पकाव होने की पाँच stages होती हैं| पहली stage को हब्बाक कहते हैं जो परागण यानि Pollination होने के अगले 4 सप्ताह तक रहती है| इस अवस्था में परागण के बाद फलों का विकास शुरू हो जाता है| और समान्यतः अपरागित यानि unpollinated मादा पुष्प गिर जाते हैं या खाने लायक नहीं रह जाते है| क्योंकि इसमें गुठली नहीं बनती और कैसलापन रहता है| 

दूसरी अवस्था:👉 इसमें फलों का हरा रंग होने लगता है और नमी की मात्रा 85% तक होती है, इसे गंडोरा या कीमरी अवस्था भी कहते हैं| इसमें फल आकार मटर के दाने से कुछ बड़ा हो जाता है| 

तीसरी अवस्था:👉 यह stage डोका या खलल कहलाती है, जिसमें फल कठोर पीले या गुलाबी या लाल रंग में बदलने लगते हैं| पिंड वाली किस्मों जैसे मैडजुल, खलास, खदरावी, सगाई, जामली किस्मों के फल स्वाद में हल्के कसैले या ताजा किस्म वाली किस्म जैसे बरही, खूनेजी किस्मों के फल बिलकुल कसैले नहीं होते है| शर्करा की मात्रा लगभग 40% होती है|

चौथी अवस्था:👉 इस डांग यानि रुतब stage में फल खाने लायक हो जाते हैं और फल की टीप मुलायम होना शुरू हो जाती है. फल के वजन में कमी होना शुरू हो जाती है| शर्करा की मात्रा लगभग 60% तक हो जाती है| पिंड (Pind) बनाने के लिए इस अवस्था में फल तोड़ लिए जाते है|   

पाँचवी अवस्था:👉 अंतिम पिण्ड या तमर अवस्था है जिसमें फल पूरी तरह से पक जाते हैं| इस अवस्था में sugar की मात्रा 65-70% रह जाती है| इन फलों को normal temperature पर भी काफी समय तक store किया जा सकता है| बरही को छोड़कर लगभग खजूर की सभी क़िस्मों से पिण्ड बनाया जा सकता हैअरब देशों यानि Gulf countries में मौसम शुष्क होने से पेड़ के ऊपर की फल तैयार कर लिए जाते है| 


आपका कोई भी सुझाव या जानकारी सहृदय आमंत्रित है| कमेन्ट करके जरूर बताए ....धन्यवाद

 

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