Early weed management in Potato crop
आलू की फसल में खरपतवारनाशी का प्रयोग (Use of herbicide in potato crop)👇
आलू की फसल को उगने में 10 से 15 दिन लग जाते है तथा लाइनों के बीच अधिक खाद-पानी की वजह से अधिक खरपतवार उग जाते है| आलू की अधिक उपज लेने के लिए आवश्यक है कि फसल को शुरू से ही खरपतवार मुक्त रखा जाये| मिट्टी में बहुत अधिक नमी होने के कारण भी आलू की फसल में बुआई के बाद खरपतवार या Weed बहुत अधिक संख्या में उगने लगते हैं। सभी प्रकार के संकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का नियंत्रण, समय पर एवं उचित खरपतवारनाशी का उपयोग करके किया जा सकता है।
रासायनिक विधि द्वारा खरपतवार को रोके (Weed control in potato crop by Weedicide)👇
इसके लिए बुआई के 1 से 3 दिन बाद खरपतवारों 700 मिली पेंडामेथलिन 38.7%
CS यानि BASF की
स्टोम्प एक्सट्रा या धानुका की धानुटॉप सुपर या UPL कंपनी की
दोस्त सुपर को प्रति एकड़ क्षेत्र में
200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करेंI इस
प्रकार छिड़काव करने से बुआई के बाद शुरूआती अवस्था में उगने वाले खरपतवारों का
नियंत्रण हो जाता है। ध्यान रहे इसका उपयोग खरपतवारों के उगने से पहले किया
जाता है और मिट्टी में
पर्याप्त नमी होनी चाहिए। यह pendimethalin रसायन मिट्टी की सतह पर एक पतली परत बनाता है जो खरपतवारों के अंकुरण को रोकता है। इसलिए स्प्रे उल्टा चलते हुए करें और स्प्रे के तुरंत बार खेत पर में ना
चले| यदि पेडिमेथलीन 30 EC चरामार का use कर रहे है तो इसकी मात्रा एक लीटर प्रति एकड़ 200 लीटर के साथ रखे|
और यदि फसल में बुवाई के 3-4 दिन बाद खरपतवार
नजर आए तो मेट्रीब्युजीन 70%
WP यानि DHANUKA की BARRIER या TATA RALLIS की METRI नाम की खरपतवारनाशी की 100 ग्राम मात्रा प्रति
एकड़ 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
बताये गए खरपतवारनाशक
के छिड़काव के समय खेत में पर्याप्त नमी का होना बहुत आवश्यक है। ऐसा न करने पर खरपतवारनाशक
का असर नहीं हों पाता है|
आपका कोई भी सुझाव या जानकारी सहृदय आमंत्रित है| कमेन्ट करके जरूर बताए ....धन्यवाद🙏