Improved varieties of wheat and their specialty for the geographical location of Rajasthan state
राजस्थान राज्य की भौगोलिक परिस्थिति और वातावरणीय changes के कारण फसलों की क़िस्मों में भी अन्तर देखा जा सकता है| गेहूं की किस्मों की बात की जाए तो यहाँ के लिए कुछ विशेष किस्मों की सिफारिस की गई है जो इस प्रकार है-
एच.डी. 2967:
यह किस्म भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR) नई दिल्ली द्वारा विकसित है| इस किस्म के पौधों की ऊंचाई 83-91 सेंटीमीटर होती है| यह पकने में 128-133 दिन लगता है| यह किस्म भारी मिट्टी में और समय पर बुवाई के लिए सही है| दाने सख्त और सुनहरे रंग लिए होते हैं| औसत पैदावार 18 से 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है|
राज 3777:
यह किस्म समय पर बुवाई और देरी से बुआई दोनों के लिए बढ़िया है| यह किस्म सभी प्रकार के Rust रोग के प्रति प्रतिरोधक और अधिक तापमान के प्रति सहनशील है| इस किस्म की पत्तियां हल्की हरी व पकने पर बालियाँ सफेद मटमेली हो जाती है| इसके पकने का समय 115-120 दिन है| यह किस्म समय पर बुआई करने पर 18 क्विंटल तक तथा देर से बुआई करने पर 12 क्विंटल प्रति एकड़ तक उपज दे देती है|
राज 4220:
यह किस्म अधिक फुटाव के साथ Rust रोग के प्रति रोधक किस्म है| यह सामान्य बुवाई एवं irrigated क्षेत्रों के लिए अच्छी किस्म है| इसके पकने का समय 125-130 दिन है और उत्पादन 19 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है| इसमें मजबूत तना होता है, जिसके कारण आडी तिरछी नहीं गिरती है|
राज 3765:
यह देरी से बुआई के लिए और अधिक तापमान को सहन करने वाली किस्म है| बुवाई दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक भी की जा सकती है| इसमें फुटान अधिक, बालियाँ पकने पर सफेद, चमकदार और सख्त होते हैं| यह तीनों प्रकार के रस्ट रोग के प्रति बहुत अधिक प्रतिरोधकता रखती है| इसकी औसत उपज 16 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ होती है|
राज 4037:
यह अधिक गर्म वातावरण को सहन करने की क्षमता रखती है| यह किस्म 72-75 सेंटीमीटर ऊंची, अधिक फुटान वाली व Rust से प्रतिरोधी किस्म है| इसके पकने का समय 115-120 दिन है| इसकी उपज 16 से 18 क्विंटल प्रति एकड़ है| यह सामान्य बुवाई तथा सिंचित क्षेत्र के लिए सही है| इसका तना मजबूत होता है जिसके कारण फसल आडी नहीं गिरती है|
राज 4083:
यह किस्म राजस्थान के लिए बढ़िया पाई गई है| इसके दाने अच्छी quality के होते हैं| यह सभी प्रकार के रोली (Rust) रोगों के लिए प्रतिरोधक है| अधिक temperature को भी अच्छी तरह से सहन कर लेती है और जल्दी पक कर तैयार हो जाती है| इसमें ग्लूटीन प्रोटीन की मात्रा अधिक होने से रोटी बनाने के साथ-साथ बेकरी उद्योग के लिए भी उपयुक्त है| इसकी उपज 16 से 19 क्विंटल प्रति एकड़ है|
राज 4238:
यह पिछेती किस्म है जो 115-120 दिन में पक कर 16 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ तक उपज दे सकती है| यह किस्म 82-86 सेंटीमीटर ऊंची अधिक फुटान वाली, रस्ट और करनाल बंट रोधक किस्म हैं| मोटे तने के कारण यह किस्म आडी तिरछी नहीं गिरती|
पी.बी.डब्ल्यू. 590:
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) लुधियाना से विकसित यह variety सिंचित क्षेत्रों में और देरी से बुआई के लिए भी उपयुक्त है| इस किस्म की औसत ऊंचाई 80 सेंटीमीटर है, जो 80-85 दिन मे पक जाती है और औसत उपज 15 क्विंटल प्रति एकड़ पाई गई है|
DBW-303:
यह सिंचित इलाकों के लिए बढ़िया किस्म है, जिसका उत्पादन 38 क्विंटल प्रति एकड़ क्विंटल एकड़ है| जो सबसे अधिक है| यह भारी मिट्टी के लिए उपयुक्त किस्म है|
के.आर.एल. 213:
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल द्वारा विकसित यह variety सामान्य एवं लवण (Saline) प्रभावित मिट्टी में उगाने हेतु उपयुक्त है| इस किस्म की उपज सामान्य मिट्टी में 20 क्विंटल तथा लवण प्रभावित क्षेत्रों में 18 क्विंटल प्रति एकड़ है| इस किस्म औसत ऊंचाई 90-100 सेंटीमीटर होती है और 145 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है|
के.आर.एल. 210:
यह किस्म केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान (Soil Salinity Research Institute) करनाल द्वारा विकसित की गई है| इस फसल की पकाव अवधि 140-145 दिनों तक है जो normal soil में 22 क्विंटल प्रति एकड़ एवं लवणीय मृदा में 12 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ है|यह किस्म समय पर बुवाई के लिए तथा लवणीय मिट्टी में उगाने के लिए बढ़िया है|
जी.डब्ल्यू. 11:
यह किस्म अधिक ताप सहने के लिए जो कि बदलते climate change में उपयुक्त है| इसकी औसत उपज 16 क्विंटल प्रति एकड़ है जो सामान्य तौर पर कम पानी में औसत उपज दे देती है तथा late sowing के लिए भी उपयुक्त है|
राज मोल्या रोधक-1:
गेहूं की यह 85-90 सेंटीमीटर ऊंचाई की मोल्या रोधक किस्म है| मोल्या नेमेटोडेस से होने वाली बीमारी है| यह किस्म normal sowing और irrigated land के लिए उपयुक्त है| सामान्य बुवाई में 16 से 18 क्विंटल प्रति एकड़ तक उपज होती है| Maturity duration 125 से 135 दिन है| यह राजस्थान के मोल्या ग्रसित क्षेत्रों के लिए विकसित की गई है|
गेहूं के बीज प्राप्त करने का स्थान (Wheat seed receive site)
नई दिल्ली में स्थित ICAR के संस्थान के संपर्क सूत्र है- 01125841670, 1800118989 | National Seed Corporation (NSC) दिल्ली के लिए 01125846295 है| ICAR का Indian Institute of Wheat and Barley जो कि करनाल में स्थित है जिसके 18001801891, 01842267490 फोन नंबर से संपर्क किया जा सकता है या पोर्टल iiwbr.icar.gov.in/seed-portal/ पर भी देख सकते है| राजस्थान के जिलों में Rajasthan Seed Corporation (राजस्थान बीज निगम ) के कार्यालय पर बीज खरीद सकते है|
Tags
Varieties