राजस्थान कृषि विभाग की योजनाएं

 

खेती में उन्नत तकनीक अपनाकर फसल का production & Productivity में वृद्धि की जा सकती है| Farmer income बढ़ाने के लिए राजस्थान कृषि विभाग द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे- 

डिग्गी निर्माण योजना (Diggy construction Scheme)👇

किसान द्वारा कम से कम 4 लाख लीटर एवं इससे अधिक क्षमता की डिग्गी निर्माण करने पर total cost का 75% या अधिक से अधिक 3 लाख रुपए जो भी कम हो subsidy मिलती है| यह योजना नहरी सिंचित क्षेत्र के किसान जिनके पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर भूमि हो, के लिए है| इस scheme में फव्वारा, ड्रिप या माइक्रो स्प्रिंकलर irrigated system लगाने के बाद ही कार्य पूर्ण होने पर व Geo tagging होने के बाद ही किसानों को सब्सिडी दी जायेगी|

खेत तलाई निर्माण योजना (फार्म पौंड स्कीम)👇

किसान द्वारा न्यूनतम 400 cubic meter और इससे अधिक आकार के कच्चे फार्म पौंड निर्माण पर लागत का 60% अथवा अधिकतम ₹63000 और प्लास्टिक लाइनिंग फार्म पौंड के निर्माण लागत का 60% अथवा अधिकतम 90 हजार रुपए जो भी कम हो सब्सिडी दी जाती है| किसान के पास कम से कम 0॰3 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि होनी जरूरी है| फार्म पॉन्ड निर्माण से पहले और निर्माण पूरा होने पर जियो टैगिंग होने के बाद अनुदान दिया जाता है| फव्वारा या Drip irrigation system लगने के बाद ही किसान को अनुदान दिया जाएगा|  

जलहौज निर्माण (Water hose scheme)👇

RKVY के तहत चलाई जाने वाली इस योजना में किसान द्वारा कम से कम 1000 घन मीटर आकार का या 1 लाख लीटर भराव क्षमता के जल होज बनाने पर लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 90 हजार रुपए, जो भी इसमें कम हो, की सब्सिडी दी जाती है|

सिंचाई पाईपलाईन योजना (Irrigation Pipe line scheme)👇

इसमें लागत का 50% या अधिकतम ₹50 प्रति मीटर HDPE पाइप या ₹35 प्रति मीटर PVC पाइप या ₹20 प्रति मीटर HDPE लेमिनेटेड ले-फ्लेट ट्यूब पाइप या फिर अधिक से अधिक ₹15000 प्रति इकाई जो भी कम हो अनुदान देय है|  

मोबाइल रेनगन सिंचाई योजना (Rain gun Scheme)👇

NFSM योजना के अंतर्गत लागत का 50% या ₹15000 प्रति इकाई जो भी कम हो की सब्सिडी मोबाइल रेनगन सिंचाई योजना में मिलती है|

फव्वारा सैट सिंचाई योजना (Foliar irrigation scheme)👇

NFSM योजना के अंतर्गत लागत का 50% या ₹10000 प्रति हेक्टेयर जो भी कम हो, पर सब्सिडी दी जाती है और अधिकतम 2 हेक्टेयर तक सब्सिडी का प्रावधान है|

कांटेदार तारबंदी योजना (Fencing scheme)👇 

खेत की तारबंदी करने के लिए राजस्थान कृषि विभाग द्वारा कांटेदार या चैन लिंक तारबंदी योजना चलाई जा रही हैं| इसमें अधिकतम 400 मीटर की सीमा तक लागत का 50% अथवा अधिकतम 40 हजार रुपए जो भी कम हो, राजस्थान सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है| तारबंदी सामुदायिक आधार पर न्यूनतम 5 हेक्टेयर (12 एकड़) क्षेत्र में कम से कम 3 किसान सम्मलित होने चाहिए| 


Machinery जैसे ट्रैक्टर या पावर ऑपरेटेड कृषि यंत्रों पर योजना (Scheme on Machinery like Tractor or Power Operated Agricultural Machinery)👇

  • सीड ड्रिल/ Seed cum fertilizer ड्रिल/ डिस्क plough/ डिस्क हैरो जैसे कृषि यंत्रों पर मूल्य का 40% या अधिकतम 12000 से ₹15000 जो भी कम हो अनुदान मिलता है|
  • रोटावेटर कृषि Machinery पर मूल्य का 40% या अधिकतम 28000 से ₹35000 जो भी कम हो की सब्सिडि ले सकता है|
  • मल्टीक्रॉप थ्रेशर/ ट्रैक्टर ऑपरेटर रीपर खरीदने पर मूल्य का 40% या अधिकतम 16000 से ₹50000 जो भी कम हो अनुदान का प्रावधान है|  
  • चीजलर/ चीजलर plough खरीद पर मूल्य का 40% या अधिकतम 16000 से 50,000 जो भी कम हो, पर सब्सिडी रखी गई है|

वृक्ष जनित तिलहन पौधारोपण योजना (Oilseed Plantation Scheme)👇

इसके अंतर्गत पौधारोपण हेतु नीम पर प्रति हेक्टेयर ₹17000 रुपए, जोजोबा पर ₹35000, जेट्रोफा पर ₹41000, करंज पर ₹20,000, महुआ पर ₹15000 और जैतून पर ₹48000 प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया है| इस दौरान पौधों के संरक्षण या बचाव हेतु नीम, करंज एवं महुआ के लिए दूसरे वर्ष से ₹2000 तथा जोजोबा, जैतून और जेट्रोपा हेतु 3200 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष सब्सिडी का प्रावधान है|

जिप्सम वितरण कार्यक्रम (gypsum distribution Scheme)👇

जिलेवार निर्धारित प्रति मेट्रिक टन दर का 50% सब्सिडी रेट पर किसानों को जिप्सम उपलब्ध करवाया जा रहा है| जिसमें क्षारीय भूमि सुधार हेतु अधिकतम 10 मैट्रिक टन प्रति हेक्टर प्रति किसान को जिप्सम 2 हेक्टेयर के लिए सब्सिडी के रूप में मिलता है|

NFSM योजना के अंतर्गत पोषक तत्व के रूप में किसानों को अधिकतम 500 किलो जिप्सम 2 हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाता है|

कृषि वानिकी सबमिशन (agro-forestry submission)👇

मिशन अंतर्गत किसानों को खेत की मेड पर या क्षेत्र में कम या सगन घनत्व किए वृक्षारोपण करने एवं नर्सरी विकास हेतु किसानों को छोटी नर्सरी बड़ी नर्सरी हाईटेक नर्सरी पर इकाई लागत का 50% अनुदान देय है| 

अनुदान सहायता खेतों की सीमा मेड पर वृक्षारोपण करने पर लागत का 50% या अधिकतम ₹35 प्रति पौधा दे होगा जिसमें कम से कम 50 पौधे लगाना अनिवार्य होगा| कृषि भूमि पर कम घनत्व का वृक्षारोपण 100 से 500 पौधे लगाने पर प्रति पौधा ₹28 अधिकतम ₹14000 अनुदान देय होगा| कृषि भूमि पर उच्च घनत्व का वृक्षारोपण 500 से 1000 पौधे लगाने पर प्रति पौधा ₹15 अधिकतम ₹15000 अनुदान देय होंगी| 

कृषि विषय में अध्ययनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि (Incentive amount to girl students studying in agriculture)👇

सीनियर सेकेंडरी (12वीं) के लिए ₹5000 प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि मिलती हैB.Sc Agriculture और M.Sc Agriculture विषय में पढ़ने वाली students को 12000 प्रति वर्ष और पीएचडी के लिए ₹15000 प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि मिलती है|

कृषि योजना से संबन्धित आवश्यक दस्तावेज़ (Required documents related to agriculture scheme)👇

  • ऑनलाइन आवेदन पत्र मय रसीद
  • आवेदन पत्र के साथ प्रमाणित फोटो
  • किसान पहचान पत्र जैसे- भामाशाह व आधार कार्ड
  • जमाबंदी या पासबूक
  • सिंचाई का स्त्रोत- कुआं/ ट्यूबवेल/ फार्म पौण्ड आदि 
  • सिंचाई का साधन बिजली का बिल/ इंजन/ सोलर पम्प आदि
  • किसान हिस्सेदारी का प्रमाण पत्र श्रेणी जिसमें लघु/ सीमान्त/सामान्य आते है, को संबन्धित पटवारी या तहसीलदार जारी करता है|
  • सादे कागज में किसान का शपथ पत्र 
अतः सभी प्रकार की कृषि योजनाओं का लाभ जिले के agriculture department द्वारा लिया जा सकता है, या आपके क्षेत्र के एग्रिकल्चर सुपरवाइजर या सहायक कृषि अधिकारी द्वारा भी फाइल प्रकिया शुरू की जा सकती है| इसकेअलावा rajkisan.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है|

आपका कोई भी सुझाव या जानकारी सहृदय आमंत्रित है| कमेन्ट करके जरूर बताए ....धन्यवाद🙏

Agriculture Professional

Hi, This is Hemant Verma from Jodhpur, Rajasthan & M.Sc Agriculture From AAU Anand Gujarat. I am here for bring prosperity in Farming Community So Welcome to Agriculture Professional. Our Services are- Providing Agriculture Knowledge, Updating Agriculture News and Finding Solutions on agriculture related problems.

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