सर्दी के समय जब बादल ना हो यानि आसमान साफ हो और हवा बंद हो जाए, इसके साथ वातावरण का तापमान 4 डिग्री सेंटीग्रेट से कम हो जाता है तब पाला पड़ने की संभावना अधिक हो जाती है| पाला पड़ने पर औस की बुँदे जम कर बर्फ बन जाती है| ये ओस की बुँदे पौधों की कोशिकाओं का आयतन बढ़ा देती है और पौधों की कोशिकाएं नष्ट हो जाती है
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पाला या शीतलहर से बचाव के उपाय (Measures to prevent frost or cold wave)👇
जब पाला पड़ने की संभावना हो तब खेत के चारों तरफ कचरे को जला कर धुआँ कर देना चाहिए| यदि खेत में सिंचाई नहीं की हुई है तो जमीन में हल्का पानी देने से तापमान बढ़ाया जा सकता है| या फिर स्प्रिंकर यानि फंवारा चला सकते है| इससे तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरेगा और फसलों को पाले से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है|
इसके अलावा जिन दिनों पाला पड़ने की संभावना हो उन दिनों सरसों, गेहूं, चना, आलू, मटर, जीरा, ईसबगोल आदि फसलों पर घुलनशील गंधक 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करे जिसका असर 2 सप्ताह तक रहता है या थायो यूरिया 500 पीपीएम यानि आधा ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर छिड़काव करें|
आपका कोई भी सुझाव या जानकारी सहृदय आमंत्रित है| कमेन्ट करके जरूर बताए ....धन्यवाद🙏