इस article में जानेगे- सरकार द्वारा खजूर बगीचा लगाने के लिए सब्सिडी के मुख्य बिन्दु, प्रशासनिक स्वीकृति, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी राशि, कौन कौन से जिले सब्सिडी के लिए चयनित किए गए है, और खजूर पौधे कहा से खरीदे
अनुदान या सब्सिडी के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents required for Date subsidy) 👇
खजूर पौधे खरीदने और सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसान को संबंधित जिले के सहायक निदेशक उद्यान या
उप निदेशक उद्यान को निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा | आवेदन पत्र के साथ खेत की जमाबंदी जो कि 6 महीने से
अधिक पुरानी नहीं हो, नक्शा ट्रेस, मिट्टी
और पानी की जांच रीपोर्ट, आधार कार्ड या जनआधार कार्ड, सिंचाई का स्थाई
स्त्रोत का प्रमाण पत्र, और अलग
से drip irrigation system के लिए आवेदन करना होगा क्योंकि
ड्रिप लगाना इस scheme में अनिवार्य है| ड्रिप system
पर horticulture department के दिशा निर्देशों के अनुसार अलग से अनुदान
दिया जाता है|
प्रशासनिक स्वीकृति (Administrative approval)👇
दस्तावेज परीक्षण करने के बाद पात्र
किसानों को उनके संबंधित जिले के सहायक निदेशक उद्यान या
उप निदेशक उद्यान द्वारा खजूर पौधे
खरीदने के लिए प्रशासनिक
स्वीकृति प्रदान की जाएगी उसके बाद स्वीकृति के आधार पर आपूर्तिकर्ता खजूर पौधे, किसानों को
उपलब्ध कराएगा| प्रशासनिक स्वीकृत देने के
बार आपूर्तिकर्ता को 25% कृषक राशि देनी होगी और 75% राशि उद्यान विभाग द्वारा
सब्सिडी के तौर पर आपूर्तिकर्ता के बैंक अकाउंट में जमा कर दी जाएगी या फिर किसान द्वारा पूरी payment करने के बाद 75%
सब्सिडी की राशि किसान के खाते में आ जाएगी
| संबंधित जिलों में उप निदेशक
उद्यान या सहायक निदेशक उद्यान द्वारा खजूर के पौधे
क्रय करने हेतु पहले आओ पहले पाओ के आधार पर प्रशासनिक स्वीकृति या प्रशासनिक
वित्तीय स्वीकृति जारी की जाती है |
यदि किसान पहले से ही स्थापित किसी अन्य किसान के खजूर बगीचे से ऑफ्शूट खरीदने
का इच्छुक है तो पौधों के मूल्य का भुगतान, बैंकिंग
प्रणाली के माध्यम से यानि खजूर offshoot देने वाले किसान के बैंक अकाउंट में राशि जमा करानी होगी और इसकी
रसीद या बैंक statement सब्सिडी फ़ाइल में प्रस्तुत करनी होगी|
इसके अलावा Offshoot की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए offshoot या ऑफ्शूट पौधे देने वाले किसान और offshoot लेने वाले किसान के बीच एक 500 रुपये के स्टांप पेपर पर करार या अनुबंध किया जाएगा जिसमें खजूर किस्म, रोपण वर्ष, वृक्षों की संख्या, फल उत्पादन की गुणवत्ता आदि का उल्लेख करना होगा |
खजूर पौधे पर 75% की
सब्सिडी दी जाती है, चाहे टिशू कल्चर तकनीक से प्राप्त
पौधा हो, offshoot से तैयार पौधा या पुराने खजूर बगीचों से किसान द्वारा दिया गया offshoot हो, इन सब पर 75% सब्सिडी या 3000 रुपये जो भी कम हो सरकार द्वारा सब्सिडी
के रूप दी जाएगी | बाकी के 25% राशि
किसान खुद वहन करेगा, यानि किसान को स्वयं के स्तर पर भुगतान कर पौधे खरीदने होंगे
| offshoot तकनीक से प्राप्त
पौधा 1500 रुपये, तुरंत पुराने वृक्षों से अलग किए offshoot की कीमत
1000 रुपये व tissue culture से बने पौधे की कीमत 4000 हजार से 5500 रुपये किस्मों के आधार पर
प्रति पौधा रखी गई है |
अनुदान की पात्रता (Subsidy eligibility)👇
किसान के पास खुद के नाम कम से कम आधा हेक्टेयर भूमि का होना अनिवार्य होगा| एक किसान को कम से कम आधा हेक्टेयर (1.23 acre) एवं अधिकतम 4 हेक्टेयर (9.88 acre) तक के पौधे उपलब्ध करवाए जा सकते हैं| क्यों कि खजूर के पौधों से पौधों की दूरी 8 मीटर रहती है इसलिए एक हेक्टेयर क्षेत्र में खजूर के 156 पौधे लगाए जाएंगे, जिनमें से 148 मादा पौधे और 8 नर पौधे होने चाहिए |
खजूर पौधे कहा से खरीदे (Where to buy Date plant)👇
खजूर पौधे प्राप्त करने के लिए यानि आपूर्तिकर्ता
के तौर पर राजहंस इकाई सगरा भोजका, राजकीय खजूर फार्म जैसलमेर, मैकेनाइज्ड एग्रीकल्चर फॉर्म खारा
बीकानेर, अतुल
राजस्थान डेट पाम लिमिटेड चॉपसनी जोधपुर आदि है या मोबाईल
App Rajkisan khajur buyer
seller के माध्यम से क्रेता या विक्रेता से संपर्क कर पौधे प्राप्त किए जा सकते है |
सब्सिडी के लिए चयनित
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में खजूर बगीचा लगाने के लिए इन जिलों में सब्सिडी का प्रावधान है| जिनमें राजस्थान के जोधपुर जयपुर बीकानेर चूरू श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ नागौर बाड़मेर जालौर पाली सिरोही झुंझुनू जैसलमेर अजमेर और सीकर जिले है | इन 15 जिले के किसानों के लिए ही, सरकार द्वारा खजूर बगीचा लगाने के लिए अनुदान या सब्सिडी दी जाएगी | वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिलेवार खजूर पौधारोपण के लिए भौतिक और वित्तीय लक्ष्य दिए गए है, जिनमें सबसे अधिक हनुमानगढ़ में भौतिक लक्ष्य 136 हेक्टेयर या 636 लाख रुपये वित्तीय लक्ष्य दिया गया है| इसके बाद श्री गंगानगर और जैसलमेर जिले को 60 हेक्टेयर या 280 लाख वित्तीय लक्ष्य दिया गया है| इसके बाद जोधपुर को 54 हेक्टेयर, बीकानेर को 30 हेक्टेयर, जालौर को 20 हेक्टेयर और बाकी बचे जिलों जैसे अजमेर, बाड़मेर, चुरू, जयपुर, झुंझुनू, नागौर, पाली, सीकर, सिरोही इनको 10-10 हेक्टेयर प्रतेक जिलों के लिए लक्ष्य आवंटित किये गए है| कुल मिलाकर राजस्थान राज्य में 450 हेक्टेयर क्षेत्र में नये खजूर बगीचे वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगाए जाएंगे|
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